बच्चों को बचपन से ही सरकारी नौकरी के लिए तैयार कैसे करें ?

बच्चों को बचपन से ही सरकारी नौकरी के लिए तैयार कैसे करें ?

बच्चों को बचपन से ही सरकारी नौकरी के लिए तैयार कैसे करें ?

एक अभिभावक के लिए या एक माता-पिता के लिए उनके बच्चों का भविष्य बहुत मायने रखता है। हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उनके बच्चे का भविष्य उज्जवल हो, वह अपने पैरों पर खड़ा हो, आने वाले समय में वह इस लायक बन जाए कि उसे किसी भी कठिन परिस्थिति में किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता ना पड़े। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हर माता – पिता का कर्तव्य होता है कि वह अपने बच्चों को शुरू से ही पढ़ाई – लिखाई में इतना बेहतर बना दें कि आने वाले समय में उसे सरकारी नौकरी करने से कोई भी ना रोक सके।

आज के हमारे इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि आप अपने बच्चों को बचपन से ही सरकारी नौकरी की तैयारी कैसे करवाएं ? बचपन से ही हमें जो आदतें सिखाई जाती हैं हमारे अंदर उसी आदतों का विकास होता रहता है।

इसलिए यह जरूरी है कि बचपन से ही हमें ऐसी बातें सिखाई जाए, ऐसी आदतें डलवाई जाए जो अच्छे हो ,सकारात्मक हो और भविष्य में चलकर जिसका अच्छा परिणाम हमें मिल सके। इसलिए बचपन से ही हमें पढ़ना लिखना सिखाया जाता है

और अब उसके साथ ही साथ माता-पिता का यह भी कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को सरकारी नौकरी के लिए बचपन से ही तैयार करें। आइए हम यह जानते हैं कि अपने बच्चों को बचपन से ही सरकारी नौकरी के लिए तैयार कैसे कर सकते हैं ?

सरकारी नौकरी की आवश्यकता क्यों ?

आज के समय में हर इंसान अपने पैरों पर खड़ा रहना चाहता है अर्थात खुद पर निर्भर रहना चाहता है ताकि उसे किसी भी कार्य के लिए किसी और की फाइनेंसियल मदद ना लेनी पड़े। इसलिए हर कोई शुरू से ही सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू कर देता है अब यह जाने की आवश्यकता है कि सरकारी नौकरी की आवश्यकता क्यों पड़ती है….?

देखा जाए तो सरकारी नौकरी एक विश्वसनीय नौकरी होती है जो हमारे जीवन पर्यंत तक हमारी मदद करती रहती है क्योंकि अगर एक बार हमें सरकारी नौकरी मिल गई तो अगर हम कोई अपराध ना करें तो वह नौकरी हमारे रिटायरमेंट होने से पहले नहीं जाते हैं। इसलिए इसे एक विश्वसनीय नौकरी कहा गया है कि इसे विश्वास के साथ किया जा सकता है और इस नौकरी पर इतना भरोसा होता है कि यह नौकरी आपके जीवन को सफलता की ओर ले जाती है।

वैसे तो बहुत सारे ऐसे प्राइवेट जॉब हैं जो हमें सरकारी नौकरी से भी ज्यादा सैलरी देते हैं लेकिन यह एक विश्वसनीय नौकरी नहीं मानी जाती है क्योंकि कोई भी मुसीबत पड़ने पर हमें प्राइवेट जॉब से निकाला जा सकता है या फिर कोई भी छोटी सी भूल हमें प्राइवेट जॉब से हाथ धोने पर मजबूर कर सकती है । इसलिए हर कोई पहले सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करता है और जिसकी तैयारी हमें बचपन से ही शुरु कर देनी चाहिए।

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नीचे दिए गए निम्न बिंदु हैं जिनकी मदद से हर माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से यह सरकारी नौकरी की तैयारी करवा सकते हैं…….

आज के समय में कंपटीशन का दौर बढ़ता ही चला जा रहा है। इस दौर में खुद को सबसे आगे रखने के लिए हमें शुरू से ही हर चीजों का ध्यान देना पड़ता है। इसलिए सभी माता-पिता को अपने बच्चे को कंपटीशन में सबसे आगे रहने के लिए या कंपटीशन बीट करने के लिए बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में, personality development में, आदि चीजों में सबसे बेहतर बनाने के लिए बचपन से ही शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि माता पिता ही बच्चों के सबसे पहले गुरु होते हैं और उन्हीं के दिखाए रास्ते  पर बच्चे आगे चलते हैं।

???? बच्चों के लिए time table बनाएं…..

किसी भी कार्य को अच्छे से करने के लिए हमें उसकी योजना बनाने की आवश्यकता होती हैं जिसके माध्यम से हम कार्य को समय पर वह सही तरीके से करने में सक्षम होते हैं। इसी तरह अपने बच्चों की पढ़ाई शुरू करने के लिए हमें बच्चों के दिनचर्या के हिसाब से उनका टाइम टेबल बनाना चाहिए जिससे उनकी दिनचर्या के सभी काम काज के साथ – साथ पढ़ाई और उनकी सेहत की देखभाल का समय निर्धारित हो सके।

???? बच्चों की पढ़ाई का रखें ध्यान……

हर माता-पिता का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सजग रहें क्योंकि बच्चे सबसे पहले पढ़ना लिखना अपने माता-पिता से ही सीखते हैं। वैसे तो बच्चों को खेलकूद बहुत पसंद होता है लेकिन हर माता-पिता को बच्चों की खेलकूद के साथ-साथ पढ़ाई में भी उनका ध्यान लगाना चाहिए।

# समय-समय पर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

# खुद भी समय निकालकर बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई में उनकी मदद करनी चाहिए।

# पढ़ाई गई चीजों को बच्चों से समय-समय पर रिवीजन करवाना चाहिए। इससे बच्चों को चीजें भूलती नहीं है और वह उन बातों को कंठस्थ कर लेते हैं।

???? बच्चों के लिए जनरल नॉलेज भी जरूरी……

आज के समय में हर कंपटीशन के एग्जाम में जनरल नॉलेज से प्रश्न जरूर पूछे जाते हैं। इसलिए हर माता-पिता को अपने बच्चों को जनरल नॉलेज की बातें बतानी चाहिए उसके साथ ही साथ उन्हें यह बातें याद भी करानी चाहिए ताकि समय-समय पर जनरल नॉलेज से उठने वाले प्रश्न उन्हें कंठस्थ होते रहे। जिससे आगे चलकर किसी भी competitive exam  में पूछे गए जनरल नॉलेज के प्रश्न वह आसानी से हल कर सके।

???? पढ़ाई के साथ-साथ लिखाई की भी आवश्यकता…..

बच्चों को कंपटीशन के लिए तैयार करने में पढ़ने के साथ साथ देखने की भी अति आवश्यकता होती है क्योंकि बहुत सारे ऐसे competitive exams होते हैं जिसमें ऑप्शनल एग्जाम के साथ-साथ रिटन एग्जाम भी होता है। इसलिए बच्चों को पढ़ने के साथ-साथ लिखने की भी आदत डलवाए ताकि आगे चलकर बच्चे को लिखने में परेशानी ना हो।

???? सभी विषयों को समय दें……

किसी भी कंप्टीशन को बीट करने के लिए सभी विषयों को पढ़ने की आवश्यकता होती है। इसलिए सभी माता-पिता अपने बच्चों की सभी विषयों को बराबर का समय दें अर्थात बच्चों के सभी विषयों पर फोकस करें। जैसे – हिंदी ,इंग्लिश, science, social studies, environmental studies, इत्यादि।

???? बच्चों की रुचि का रखें ध्यान……

हर इंसान की अपनी एक रूचि होती है इसलिए सभी माता-पिता का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने बच्चों की रुचि के अनुसार ही उनकी पढ़ाई पर फोकस करें।

???? Competitive exam में आने वाले विषयों पर फोकस करें….

अगर आप अपने बच्चे को सरकारी नौकरी दिलाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले सरकारी नौकरी से संबंधित competitive exams में पूछे जाने वाले प्रश्न जिन विषयों से होते हैं उन पर फोकस करने की आवश्यकता है क्योंकि अगर आप बचपन से ही अपने बच्चों के उन विषयों पर ज्यादा फोकस करेंगे जिससे कंपटीशन एग्जाम की तैयारी हो सकती है तो आगे चलकर उन्हें किसी भी विषय में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

???? बच्चों के खान-पान का रखें खास ख्याल…..

बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके खान-पान का भी खास ख्याल रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। इसलिए सभी माता-पिता को अपने बच्चों को पौष्टिक आहार देना चाहिए तथा फल फूल का भी व हरी सब्जियों का भरपूर सेवन कराना चाहिए जिससे उनका शरीर स्वस्थ बना रहे और वह बीमारियों से दूर रहें ताकि पढ़ाई में उनकी कोई भी बाधा उत्पन्न ना हो।

???? पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का भी रखें ध्यान…..

बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ बनाए रखने के लिए उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उनके खेल कूद का भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि खेलकूद के माध्यम से उनका शारीरिक व्यायाम होता रहता है जिससे पढ़ाई के समय वह fresh mind  से पढ़ाई कर सकते हैं।

???? प्रातः काल में व्यायाम भी जरूरी……

हमारे पूर्वजों और ऋषि मुनियों का भी यह कहना है कि प्रातः काल में व्यायाम करने से हमारा मस्तिष्क और शरीर दोनों ही सुचारू रूप से काम करने लगते हैं जिससे कोई भी कार्य करने में हमें कोई परेशानी नहीं होती है और हम घातक बीमारियों से भी कोसों दूर रहते हैं इसलिए सभी माता-पिता को अपने बच्चों को प्रातः काल में जल्दी उठने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उसके साथ ही साथ उन्हें प्रातः काल में व्यायाम करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। P

निष्कर्ष…..

आज के अपने पोस्ट में हमने बच्चों की पढ़ाई से संबंधित बातों के बारे में आपको संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है। अगर सभी माता-पिता हमारे इस आर्टिकल में बताए गए नियमों के हिसाब से अपने बच्चों को कंपटीशन एग्जाम के लिए तैयार करेंगे तो उन्हें सफलता जरुर प्राप्त होगी। हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया होगा और आप इसे लाइक और शेयर जरूर करेंगे।

धन्यवाद…..????

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