DM kya hota hai ? or kaise bane

DM कोर्स क्या है ? DM कैसे बने!

DM kya hota hai ? kaise bane

 चलिए दोस्तो आज हम आपको बताते है कि जिलाधिकारी  क्या होता है ?तथा इनकी  सारी शक्तियां क्या होती है ? तथा इनके वेतन ,सुविधा तथा  जिलाधिकारी कैसे बने इसमे आने वाले सभी जानकारियो  के बारे में हम आपको अवगत कराते है ( DM कोर्स क्या है ? DM कैसे बने! )

दोस्तों आज हम इस टॉपिक पर बात करेंगे की डीएम क्या होता है और कैसे बनते हैं ? दोस्तों डीएम बनने के लिए आपको अपने जिंदगी में कड़े संघर्ष जैसे शब्द तथा वास्तव में कड़ा संघर्ष अपने जीवन में उतारना होगा तभी आप डीएम बन सकते हैं। डीएम जिसका पूरा नाम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट होता है , जिसको हम हिंदी में जिलाधिकारी बोलते हैं दोस्तों जिलाधिकारी एक जिले का मालिक होता है

तथा जिले का सारा अधिकारी कार्यभार इसी के संरक्षण में होता रहता है । दोस्तों यदि हम डीएम के कार्य की शक्ति के बारे में जाने तो , जैसे किसी देश में एक प्रधानमंत्री उस देश का मालिक होता है तथा किसी राज्य में मुख्यमंत्री राज्य का मालिक होता है उसी प्रकार जिलाधिकारी एक जिले का मालिक होता तथा सारे प्रशासनिक मामलों में पूरा अधिकारिता जिलाधिकारी का ही होता है

दोस्तो जिलाधिकारी बनने के लिए सभी  जरूरी जानकारिया हम आपको बताने जा है उम्मीद करते है इन सभी जानकारियो को  जान के आपको जिलाधिकारी सहित समस्त विभिन्न पदों पर आप भर्ती पा सकेंगे तो चलिए दोस्तों यह कुछ जानकारियां नीचे विस्तार में देखते हैं और समझते हैं

 UPSC (CSE ) सिविल सर्विसेज

एग्जाम द्वारा IAS में चयन-

दोस्तों जिलाधिकारी बनने के लिए आपको संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन को पास करना होगा तथा सारे पदों में आपको विशिष्ट पद इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस यानी कि (आई ए एस )का चयन करना होगा तभी आप जिलाधिकारी  बन सकते हैं। दोस्तों यदि हम बात करें यूपीएससी की,तो इसका गठन वर्ष 26 अक्टूबर 1950 को हुआ था तथा इससे जुड़े पद तथा एग्जामिनेशन तथा इस में आने वाली सभी परीक्षाएं धीरे-धीरे भविष्य में जुड़ती चली गई इस में होने  वाली प्रमुख परीक्षाएं , CSE ,SCRA ESE ,IFS ,IPS ,NDA ,CDSE अन्य प्रमुख होती है

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनने हेतु 

     अनिवार्य योग्यता – दोस्तो जिलाधिकारी बनने के लिए मिनिमम योग्यता आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री लेनी होगी तथा  संघ लोक सेवा आयोग द्वारा कराए गए सिविल सर्विस एग्जामिनेशन में आपकी उम्र सीमा कम से कम 21 वर्ष के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। यदि हम उम्र सीमा की बात करे तो सामान्य वर्ग श्रेडी में विद्याथियों की आवेदन करने के लिए  उम्र सीमा 21 वर्ष से 32 वर्ष के बीच मे होना चाहिए ।

और यदि हम बात करे पिछड़ा वर्ग जाति (OBC) की तो इनमें भी 21 से 32 वर्ष + 3 वर्ष ज्यादा मिल जाता है ।यदि हम बात करे अनुसूचित जाति तथा अनुसचित जनजाति (SC/ST) की तो अनुसूचित जाति (SC -schedule cast)को 32 वर्ष (अधिकतम उम्र) तथा 5 वर्ष और मिल जाता है त्तथा अनुसूचित जनजाति (ST-Schedule tribes)के लिए उम्र सीमा की कोई वैधता नही है वह जब तक चाहे तबतक प्रयास कर सकते है ।

 IAS का फॉर्म भरने की तिथि

     प्रारंभिक परीक्षा की तिथि तथा 

     मैन्स पतिक्षा तिथि – संघ लोक सेवा द्वारा सिविल सर्विसेज परीक्षा फ़ॉर्म भरने के लिए आवेदन का तारीख हमेशा फरवरी के दूसरे सप्ताह में कराती है तथा इसका परीक्षा अक्टूबर के दुसरे तथा तीसरे सप्ताह में लेती है इसका मुख्य परीक्षा जनवरी की दूसरे तथा तीसरे सप्ताह में करवाया जाता है दोस्तों यदि हम बात करें इसके साक्षात्कार की तो अगस्त तथा सितंबर के महीने में यह  करवाया जाता है तथा इसका अंतिम रिजल्ट मार्च के सप्ताह में आता है

सिविल सर्विस परीक्षा (CSE) में

पूछे जाने वाले विषय तथा दिए जाने वाले अंक

दोस्तो इस परीक्षा में परीक्षा के तीन पड़ाव होते हैं जिसमें प्रथम पड़ाव प्रारंभिक परीक्षा का होता है तथा तृतीय पढ़ाओ मेंस परीक्षा का होता है तथा तृतीय और आखिरी पड़ाव इंटरव्यू का होता है यदि हम इसके प्रारंभिक परीक्षा में आने वाले विषयों की बात करें तो इसमें दो पेपर होते हैं 

प्रारंभिक परीक्षा (prelims)- पेपर भाग  1
  1. प्रथम – Genral aptitude test (100 प्रश्न के 200 अंक )

 विषय-

  • history,science/civics,Polity 
  • economics,Physics,
  • Chemistry,Biology

दृतीय – civil service aptitude test ( CSAT) ( 80 प्रह्न के 200 अंक)

विषय-comprehnsion, interpersonal skills,including communication skills,logical reasoning,analytical ability,decision-making,problem solving , general mental ability(Basic numeracy – numbers and their relations orders of magnitude ) e.t.c

???? दोस्तों प्रारंभिक परीक्षा में प्रथम पेपर का प्रत्येक प्रश्न दो नंबर के होते हैं तथा दृतीय पेपर में प्रत्येक  प्रश्न 2.5 नंबर के होते हैं तथा इसमें ⅓ का नेगेटिव मार्किंग भी रहता है तथा प्रीलिम्स या प्रारंभिक परीक्षा क्वालीफाइंग नेचर का होता है जिसमें कम से कम आपको 33% नंबर लाना ही लाना है

मुख्य परीक्षा (Mains examination)

दोस्तों मुख्य परीक्षा में होने वाले पेपर दो भागों में बांटे जाते हैं पहला भाग जिसमे  7 पेपर की परीक्षा  होती है तथा दूसरा भाग जिसमें दो पेपर की परीक्षा होती है कुल मिलाकर 9 विषय  की परीक्षा होती है यह सभी पेपर सब्जेक्टिव टाइप पेपर होते हैं तथा या ऑफलाइन मोड में होते हैं और इसमें आपको हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिखने का आप की स्वीकृति से इच्छा होता है जिसमें आप अपनी मर्जी से उत्तर दे सकें ।

दोस्तों इसमें सारे सब्जेक्ट 250 अंक के होते हैं तथा भाग 2 वाली परीक्षा के पेपर के अंक 300 नंबर के होते हैं। तो चलिए दोस्तों हम आपको बताते हैं कि मुख्य परीक्षा में कौन-कौन से विषय आपको पढ़ने होंगे तथा परीक्षा में पूछे जाएंगे और इन विषयों के बारे में तथा इनमें आपको मिलने वाले जानकारी  के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं

पेपर 1 –

  • Any language defined in

          constitution of india 

✍ पेपर 2 –  

  • English

पेपर 3 –

  • essay writing

✍ पेपर 4 –

  • GS (1) ( Indian heritage and 
  •  culture,History, 
  • Geography of the world
  • and society)

✍ पेपर 5- GS (2) ( Governance, 

  •  constitution, polity, social 
  • science, Justice international
  • relations)

✍ पेपर 6- 

GS (3) (Technology , 

  • economic
  • devolment,bio-diversity 
  • environment ,security,
  • disaster managment)

पेपर 7

  • GS (4) ethics, integrity, 
  •  aptitude and foundation 
  •  values for civil service,
  •  impartiality, non partnership,
  •  objectivity, dedication to public  
  •  service, empathy tolerance 
  • and compunssion ,towards the 
  •   weaker section, emotional 
  • intelligence concepts and 
  • their utilities,application in 
  • administration and governance

भाग 2 में 

पेपर 8 

  • ऑप्शनल विषय 1

पेपर 9 

  • ऑप्शनल विषय 2

overall number -2025 marks (including interview)

 साक्षात्कार परीक्षा interview exam

दोस्तों प्रारंभिक तथा  मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दोनों पेपरों में पास हुए विद्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है तथा साक्षात्कार में उनसे ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें उनका  मानसिक तथा  तार्किक ज्ञान का पता चले तथा उनसे ज्यादातर ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जो समाज में तथा परिवेश में जुड़े हर मुद्दे पर हर विषयों पर निर्भर होता हो तथा ऐसे विवादित मुद्दे तथा ऐसे धार्मिक मुद्दों पर इंटरव्यूअर द्वारा प्रश्न पूछे जाते हैं

जिसमें इंटरव्यूवर विद्यार्थियों में  वो गुड़ पहचान देखते हैं की कैसे जिलाधिकारी बनाने के बाद आप  समाज को एक सुदृढ़ तथा मजबूत तरीके से संचालित करेंगे , ऐसे विद्यार्थियों का ही साक्षात्कार में एक आईएएस के पद पर नियुक्त किया जाता है तथा चयन किया जाता है ,तो दोस्तों दोनों परीक्षा होने के बाद भी तीसरा परीक्षा साक्षात्कार का बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है तथा इसे बिना पूर्व तैयारी के नहीं देना चाहिए ।  साक्षात्कार में दिए जाने वाले अंको  की संख्या  250 नंबर की होती है तथा 250 अंक साक्षात्कार लेने वाले पर डिपेंड रहता है क्योंकि आजकल के  कंपटीशन में जहां एक नंबर भी बहुत मायने रखता है

वहां 250 अंक  पाने के लिए विद्यार्थी जी जान लगा देते हैं । तो मेरे दोस्तों साक्षात्कार की तैयारी किए बिना आप साक्षात्कार ना दें और ऐसे कई संस्था तथा कोचिंग है जहां आपको मुफ्त साक्षात्कार की तैयारी कराई जाएगी क्योंकि यदि आप प्रारंभिक तथा मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण हो जाते हैं तो ऐसे संस्थान तथा कोचिंग ऐसे बच्चों को अपने कोचिंग में लाने का प्रयास करते हैं तथा उनको मुफ्त में ही साक्षात्कार की तैयारी कराते हैं, 

जिससे उनको अपने संस्था तथा कोचिंग का बढ़िया प्रचार हो सके तथा जब आप  प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार देने जाते हैं तो वहां आपसे आपके विषय  से जुड़े बहुत कम ही प्रश्न पूछे जाते हैं तथा  वहां खासकर मायने यह रखते हैं

जैसे

  • साक्षात्कार लेने वाले से कैसे बात करते हैं ,
  • आप दरवाजा खोलकर कैसे अंदर आते हैं,
  • आप अपनी बातों से उनको कैसे इंप्रेस करते हैं,
  • आप अपना बोलने का तरीका कैसा रखते है ,
  • आपके  चलने के स्किल से,
  • आपके  बैठने की स्किल  से आपको कैसे इंटरवुयूवर को  इंप्रेस करना है ,
  • और आपके पोशाक के पहनावे भी ,

यह सब जरूरी होता है तथा यह सभी क्रियाकलाप एक साक्षात्कार में ज्यादा मायने रखता है । तो दोस्तों आपसे निवेदन है कि यदि आप साक्षात्कार में जाएं तो पहले से ही तैयारी बढ़िया से करके जाए ।

DM की ट्रेनिंग तथा वेतन

दोस्तों सभी परीक्षाओं को पास करने के बाद आईएएस विदयार्थियों  का ट्रेनिंग शुरू होता है तथा उत्तराखंड के मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकैडमी आफ एडमिनिस्ट्रेशन, जिसे हम (LBSNAA)के नाम से जानते हैं उसमें आईएएस विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाती है तथा यह ट्रेनिंग 2 सालों की दी जाती है इसमें यह ट्रेनिंग चार फेजो में दी जाती है तथा यह सिखाया जाता है कि समाज में कैसे मजबूत और सुदृढ़ न्याय व्यवस्था बनाएं तथा समाज की कल्याणकारी योजनाओं में सब का लाभ कैसे हो तथा समाज कल्याण कैसे हो इन्हीं सब बातों को ट्रेनिंग सेंटरों में अभ्यार्थियों को सिखाया जाता है। दोस्तों ट्रेनिंग के साथ-साथ अभ्यार्थियों को शुरुआती वेतन भी दी जाती है जिसमें इनका वेतन ₹56100 से शुरू होती है तथा इसमें कई तरह की कटौती भी की जाती है जैसे मेस आदि तथा अन्य सुविधाओं के तौर पर इन में से विद्यार्थियों की कटौती करी जाती है

नियुक्ति के बाद (डीएम) 

      जिलाधिकारी को दी जाने वाली

      सुविधाएं

दोस्तों नियुक्ति के बाद डीएम को दी जाने वाली सुविधाएं कई प्रकार की होती है तथा यह सारी सुविधाएं सरकार द्वारा मुफ्त में एक जिलाधिकारी को दी जाती है जिसमें HRA,DA, यात्रा भत्ता अधिकारी आवास ,अधिकारी वाहन ऐसे सुविधाएं प्रदान की जाती है। दोस्तों जिलाधिकारी का पद एक बहुत ही सम्मानित पद पूरे भारत में माना गया है तथा इस को मिलने वाली सुविधाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए इसीलिए सरकार ने  वीवीआईपी के तौर पर शहर के सबसे महत्वपूर्ण इलाके में अधिकारी बांग्ला देता है जिसमें बिजली का, पानी का ,और ऐसे सभी जरूरतों का मुफ्त में इस्तेमाल किया जाता है एक जिला अधिकारी के द्वारा। दोस्तों एक जिलाधिकारी को अधिकारिक वाहन भी दिया जाता है जिसमें इनकी संख्या 3 से ज्यादा हो सकती है तथा सुरक्षा में 3 होमगार्ड तथा 2 बॉडीगार्ड भी दिए जाते हैं ।दोस्तों जिलाधिकारी चाहे तो वह किसी खतरे की स्थिति में सरकार से एसटीएफ कमांडो के लिए प्रार्थना तथा अर्जी दे सकता है ताकि किसी खतरे की स्थिति में जिलाधिकारी को सुरक्षित रखा जा सके।

  • अन्य सुविधाएंदोस्तों एक जिलाधिकारी को 2 से 4 वर्ष तक का स्टडी लीव मिल सकता है तथा यदि एक जिलाधिकारी अपनी पढ़ाई को पूरी करना चाहे या वो किसी भी प्रेस्टीजियस कॉलेज में अध्ययन करना चाहे तो वह अपने मनमर्जी से अपना अध्ययन पूरा कर सकता है तथा अध्ययन में आने वाला सभी लागत तथा खर्च सरकार द्वारा उठाए जाते हैं।
  • दोस्तों एक जिलाधिकारी को अपने जिले में होने वाले क्रिकेट मैच या किसी भी कॉन्सर्ट किसी भी पार्टी में जाने का तथा उसमें शामिल होने का एक वीवीआईपी के तौर पर उन्हें एक सम्मानित गेस्ट के तौर पर शामिल किया जाता है तथा उनसे कोई भी शुल्क तथा चार्ज नहीं लिया जाता है यह सारी सुविधा उन्हें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है।
 जिलाधिकारी के अधिकार 

दोस्तों डीएम के अधिकार ऐसे होते हैं कि हर वर्ग का इंसान उसे अपनी परेशानियां बताकर उसका निवारण ले सकता है ,क्योंकि जिलाधिकारी एक समाजसेवी भी होता है तथा उसका काम समाज में सामंजस्य बनाए रखना होता है तथा समाज के हित को लेकर चलना होता है । दोस्तों यदि हम जिलाधिकारी के अधिकार की बात करें तो एक जिलाधिकारी किसी भी राज्य के जिले में  अगर तैनात हो तो किसी भी मिनिस्ट्री से या उस राज्य के मुख्यमंत्री के द्वारा भी बर्खास्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि बर्खास्त करने की सारी शक्तियां राष्ट्रपति द्वारा की जाती है तथा इनको मुख्यमंत्री द्वारा सिर्फ जगह बदल के  दूसरे  जिले में तबादला दिया जा सकता है

  • दोस्तों पब्लिक सेक्टर समस्या  तथा अपने जिले में आने वाली समस्याओं पर जैसे बिजली की समस्या, पानी की समस्या तथा अस्पताल, गवर्नमेंट पॉलिसी की सुपरवाइजरी तथा मानिटरिंग करने का अधिकार होता है और समाज की मूलभूत जरूरतों को सही ढंग से पूरा करना तथा इन सभी मूलभूत जरूरतों की लगातार पैमाइश करना और बिना रोक-टोक निर्बाध मंजूरी को पूरा करना यह सभी एक जिलाधिकारी के अधिकार में शामिल होता है।
  • एक जिलाधिकारी अपने जिले का मालिक होता है तथा वह सारे ऐसे काम जो उसे अवैध लगे वह उस पर रोक लगा सकता है तथा न्यायालय में उस मुद्दे को परावर्तित कर सकता है।                                      

धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published.